सिगरेट पिने के चौंका देने वाले फायदे,ई-सिगरेट क्या है?

ई-सिगरेट के फायदे

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इंटरनेशनल टोबैको कंट्रोल एक्सपर्ट ने हाल ही में एक रिसर्च के दौरान पाया है कि ई-सिगरेट धूम्रपान करने की आदत को कम कर देती है. रिसर्च में पाया गया है कि ई-सिगरेट में हेल्थ रिस्क धूम्रपान के मुकाबले कम रहता है और इसको पीने से नुकसान से ज्यादा फायदा होता है. इतना ही नहीं, ई-सिगरेट से मरने वालों की संख्या भी कम होगी.

रिसर्च के दौरान ये भी माना गया कि ई-सिगरेट से धूम्रपान करने वालों की संख्या कम होगी. खासतौर पर उन देशों में जहां धूम्रपान करने वालों की संख्या ज्यादा है और जो लोग धूम्रपान छोड़ने का प्रयास कर रहे हैं.

यूएस यूनिवर्सिटी जॉर्जटाउन के प्रोफेसर और इस रिसर्च के मुख्य शोधकर्ता डेविड लेवी का कहना है कि ई-सिगरेट धूम्रपान छोड़ने को प्रोत्सा‍हित करती है. जो लोग धूम्रपान करना छोड़ ई-सिगरेट पीने लगते हैं उनके लिए धूम्रपान छोड़ना आसान हो जाता है.

बहरहाल, धूम्रपान के बजाय ई-सिगरेट का सेवन करने वाले लोगों में धूम्रपान के रिस्क का पांच फीसदी रिस्क ही होता है.

शोधकर्ताओं ने रिसर्च में पाया है कि यूएस, कनाडा और इंग्लैंड में पिछले चार-पांच सालों के मुकाबले पिछले दो सालों में धूम्रपान करने वाली की संख्या में कमी आई है. वहीं पिछले दो सालों में ई-सिगरेट पीने का चलन भी खूब हुआ बढ़ा है.

डॉ. डेविड लेवी कहते हैं कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल आमतौर पर वही लोग कर रहे हैं जो पहले धूम्रपान करते थे. जरनल एडिक्शन में प्रकाशित इस रिसर्च में पाया गया कि ई-सिगरेट से ओवरऑल धूम्रपान करने वालों की संख्या में कमी आई है. साथ ही धूम्रपान से होने वाली मौतों में भी कमी आई है. हालांकि शोधकर्ताओं ने इस बात के लिए भी चेताया है कि ई-सिगरेट पर बहुत ज्यादा पाबंदी और टैक्सेशन होने से लोग ई-सिगरेट का इस्तेमाल नहीं करेंगे और इसके होने वाले फायदे खत्म हो सकते हैं यानी धूम्रपान करने वालों की संख्‍या में इजाफा हो सकता है.

वे ये भी कहते हैं कि हम युवा और व्यस्कों, जो धूम्रपान का सेवन नहीं करते के लिए ई-सिगरेट को बढ़ावा नहीं दे रहे. उनका कहना है कि तंबाकू कंट्रोल पॉलिसी के तहत सिगरेट आसानी से मिलने पर बैन होना चाहिए जिससे स्मोकर्स को सिगरेट छोड़ने में आसानी हो. यहां तक की अचानक से निकोटिन बंद करने से होने वाले नुकसानों से बचने के लिए कुछ समय के लिए ई-सिगरेट का सेवन किया जा सकता है.

आखिर ई-सिगरेट है क्या ?

एक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटई सिगरेट या वाष्पीकृत सिगरेट एक बैटरी चालित उपकरण है जो निकोटीन या गैर-निकोटीन के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक प्रदान करता है। यह सिगरेट, सिगार या पाइप जैसे धुम्रपान वाले तम्बाकू उत्पादों का एक विकल्प है। तथाकथित निकोटीन वितरण के अलावा यह वाष्प पिये जाने वाले तम्बाकू के धुंएं के समान स्वाद और शारीरिक संवेदन भी प्रदान करती है जबकि इस क्रिया में दरअसल कोई धुंआ या दहन नहीं होता है।

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट किसी हद तक लम्बी ट्यूब के रूप का होती है, जबकि इनका बाहरी आकार-प्रकार वास्तविक धुम्रपान उत्पादों जैसे सिगरेट, सिगार और पाइप जैसा डिजाइन किया जाता है। “कलम-शैली” की एक अन्य आम डिजाइन है, किसी बॉल प्वाइंट कलम जैसा दिखने के कारण इसका ऐसा नाम पड़ा. अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट के उपकरण पुनःउपयोग योग्य होते हैं, जिनके भागों को बदला और फिर से भरा जा सकता है। अनेक डिस्पोजेबल इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट भी विकसित किये गये हैं।

2003 में एक चीनी फार्मासिस्ट होन लिक द्वारा इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट ईजाद किया गया और उसके अगले साल उसे बाज़ार में पेश किया गया। उनकी कंपनी गोल्डन ड्रैगन होल्डिंग्स ने 2005-2006 में विदेशों में इसकी बिक्री शुरू की और बाद में इसका नाम बदलकर रूयान (मतलब, धूम्रपान के जैसा”) रखा

कैसे काम करती है ई-सिगरेट

ऑटोमेटिक मॉडलों में, जब कोई उपयोगकर्ता उपकरण के जरिये कश लेता है, तब एक सेंसर (संवेदक) इस प्रवाह को जान जाता है, जो एक तापक अवयव को सक्रिय करता है जिससे माउथपीस में जमा एक मसालेदार तरल घोल वाष्पीकृत होता है, जिसमें निकोटीन भी हो सकता है। मैनुअल मॉडलों में, वाष्प पैदा करके उसका कश लगाने के लिए उपयोगकर्ता को तापक अवयव को सक्रिय करने के लिए एक बटन दबाना पड़ता है। अधिकांश मॉडलों में उपकरण के विपरीत छोर पर लगी एक एलईडी (LED) भी कश लगाने के दौरान सक्रिय हो जाती है, जो कि उपयोग किये जाने के सूचक का काम करती है। विभिन्न निर्माताओं की एलईडी कई रंगों में उपलब्ध हैं।

बैटरी से चलति है ई-सिगरेट

तापक तत्व को ऊर्जा देने के लिए अधिकांश इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों में एक लिथियम-आयन रिचार्जेबल बैटरी होती है। बैटरी के प्रकार और आकार, उसके उपयोग की बारंबारता और उसके कार्य करने के माहौल पर बैटरी के जीवन की अवधि निर्भर है। वॉल आउटलेट, कार और यूएसबी चार्जर जैसे अनेक प्रकार के बैटरी चार्जर उपलब्ध हैं। बैटरी आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का सबसे बड़ा घटक है।

कुछ इलेक्ट्रॉनिक सिगरेटों में कश लगाने पर खुद-ब-खुद तापक तत्व को सक्रिय करने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक वायु प्रवाह सेंसर होता है, जबकि अन्य मॉडलों में कश लगाते समय एक बटन दबाने की जरूरत पड़ती है। अन्य विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक सर्किट भी आम तौर पर लगे होते हैं, जैसे कि अधिक गर्म होने से रोकने के लिए एक समयबद्ध कटऑफ़ स्विच और उपकरण के सक्रिय होने का संकेत तथा सिगरेट के अंतिम छोर में जलने की नकली चमक देने के लिए एक रंगीन एलईडी होती है।

यूएसबी चार्जर से जुड़ी एक इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट की बैटरी.

निकोटीन,गैर-निकोटीन घोल और ई-सिगरेट के फ्लेवर-(स्वाद) 

फिर से भरे जाने योग्य कार्ट्रिज में उपयोग के लिए अलग से बेचे जाने वाले निकोटीन घोल को कभी-कभी “ई-लिक्विड” या “ई-जूस” कहा जाता है और आमतौर पर सैकड़ों प्रकार के उपलब्ध स्वादों में से कुछ स्वाद उनमें हुआ करते हैं। उनमें प्रोपिलीन ग्लिकोल (पीजी) और/या वेजिटेबल ग्लिसरीन (ग्लिसरोल) या वीजी में घुले हुए निकोटीन होते हैं। पीजी और वीजी दोनों ही आम खाद्य योगज हैं। 1950 के दशक से जल-आधारित रासायनिक योगज के रूप में पीजी का उपयोग अस्थमा इन्हेलर और नेब्युलाइजर में होता आ रहा है, जिसके कोई ज्ञात गंभीर साइड इफेक्ट नहीं हैं। अपने जल-प्रतिधारण गुणों के कारण एटमाइज चिकित्सा के लिए पीजी चयन का यौगिक है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए)) ने जनरली रिकोगनाइज्ड ऐज सेफ (जीआरएएस) नामक पदार्थों की अपनी सूची में प्रोपिलीन ग्लिकोल को शामिल किया है और यह कोड ऑफ़ फेडरल रेगुलेशन के टाइटल 21 के अंतर्गत स्वीकार्य यौगिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। अनेक वर्षों से व्यापक रूप से बिना किसी गंभीर साइड इफेक्ट के पीजी के हो रहे इस्तेमाल के मद्देनज़र कहा जा सकता है कि यह पदार्थ या सार चिंता का कारण नहीं है।

विभिन्न निकोटीन सांद्रता में भी घोल उपलब्ध हैं, ताकि उपयोगकर्ता सेवन किये जाने वाले निकोटीन की मात्रा खुद तय करे. शून्य निकोटीन, निम्न और मध्य स्तर की खुराकों (क्रमशः 6–8 मिग्रा/मिली और 10–14 मिग्रा/मिली) से लेकर ऊंची तथा बहुत ऊंची खुराकों (क्रमशः 16–18 मिग्रा/मिली और 24–36 मिग्रा/मिली) में सांद्रता के स्तर होते हैं। सांद्रता की दरें अक्सर ही ई-लिक्विड बोतलों या कार्ट्रिज पर छपी होती हैं, हालांकि मानक संकेत “मिग्रा/मिली” की जगह प्रायः महज “मिग्रा” लिखा होता है।

पारंपरिक सिगरेट की किस्मों की तरह स्वाद के कुछ प्रकार तैयार किये गये हैं, जैसे कि नियमित तम्बाकू और मेंथोल; और कुछ ने विशिष्ट सिगरेट ब्रांडों की नकल के भी प्रयास किये हैं, जैसे कि मार्लबोरो या कैमल. फल और अन्य स्वाद भी उपलब्ध हैं, जैसे कि वेनिला, कैरामेल और कॉफी

आप भी खरीद सकते है ई-सिगरेट को

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