दिमाक की शान्ति के उपाय हिंदी dimag ki shanti ke upay hindi

dimag ki shanti ke upay दिमाक की शान्ति के उपाय हिंदी

गहरी सांस लेने का अभ्यास करें: यद्यपि यह सुझाव आपको अजीब प्रतीत हो रहा होगा पर गहरी सांस लेने का अभ्यास आपके मस्तिष्क को शांत रखने में आश्चर्यजनक रूप से कारगर है। इनका प्रति दिन अभ्यास करे और तनाव के समय में यह उसे कम करने में मदद करेगा।.
  • अपने मुँह को बन्द कर नाक से गहरी सांस लें। सांस लेने में थोड़ा अतिरिक्त समय लेने का प्रयास करें ताकि इसे आप चार सेकंड तक रोक कर रख सकें। अपनी सांस को चार सेकंड तक के लिए रोक कर रखें, उसके बाद अपनी सांस को आठ सेकंड की गिनती पूरा होने के बाद छोड़ें। इस अभ्यास को कुल चार बार दुहराएं।
  • यदि आपको इतनी देर तक सांस की गति धीमी रखने में परेशानी हो तो सांस लेने का अंतराल घटा दें और धीरे-धीरे अवधि बढ़ाने की कोशिश करें।
  • प्रत्येक सांस लेने और सांस छोड़ने की अवधि में अपनी सहजता के अनुसार बदलाव करें किन्तु यह सुनिश्चित करें कि आपके द्वारा सांस लेने की तुलना में सांस छोड़ने में दुगुना समय लगे। हर बार सांस लेने के बाद बीच में कुछ पलो के लिए रूकें।

ध्यान का अथवा प्रसन्नता के लिए प्रयास करते रहें और साधनामय प्रार्थना करें: किसी एक विशिष्ट सोच, स्थान, शब्दों, रंग अथवा पदार्थ पर ध्यान केन्द्रित करते हुए अपने दिमाग को मस्तिष्क को शुद्घ करने की प्रक्रिया है। चिंतन करने के लिए, सर्वप्रथम आरामदायक स्थिति में बैंठे (घुटने के बल अथवा लेटने की मुद्रा में) और फिर किसी एक विशेष चीज पर ध्यान केन्द्रित करें (अथवा प्रार्थना करें)। आपके मस्तिष्क को पूर्ण रूप से साफ व शांत करने के लिए इसमें दस मिनट से ऊपर का समय लग सकता है किन्तु इतना समय लगमा सामान्य है।

  • ध्यान के अभ्यास के दौरान बैठ अथना जमीन पर लेट सकते हैं किन्तु इस दौरान आपको सदैव अपनी आंखें बंद रखनी चाहिए यह आपको मानसिक/आध्यात्मिक रूप से अपना ध्यान केन्द्रित करने में सहायक करता हैं।
  • अशान्त विचारों के द्वारा आपके ध्यान में विघ्न करना एक सामान्य-सी बात है। उन अनर्गल विचारों को दूर करने की कोशिश करते रहें, और जहां तक संभव हो किसी एक विशिष्ट चीज (संपोषण/प्रसंशा cherishing/praising) पर खास तौर से ध्यान केन्द्रित करने पर ध्यान दें।
  • अपने मस्तिष्क को स्वच्छ रखने में सहायता के लिए एक निर्देशित कल्पना का प्रयोग करें। किसी ऐसे वास्तविक अथवा काल्पनिक स्थान की कल्पना करें जिसमें आप शांत एवं तनाव मुक्त महसूस करते हैं। इस स्थान पर इन बातों सहित ध्यान केन्द्रित करें कि यह कैसा दिखाई देता और आप इसमें कैसा अनुभव करते हैं।
  • जितनी देर तक आपकी इच्छा है उतनी देर तक ही ध्यान लगाएँ, लेकिन जब एक बार आप अपने मस्तिष्क को स्वच्छ करने में सफल हो जाते हैं तो उसके बाद कम से कम दस मिनट का आराम तनाव स्तर नियंत्रित करने एवं ध्यान सकेन्द्रित करने के लिए भी काफी लाभकारी सिद्घ होता है।
  • शान्तिदायक संगीत, ध्वनियां अथवा सकारात्मक गीत के वाक्यांश सुनें (जैसे कि “मुझे यह अहसास हो रहा है कि कुछ अच्छा होने वाला है। मुझे केवल यही अहसास हो रहा है कि कुछ आने वाला है…) इस प्रकार के गाने जो आपको ध्यान में बेहतर तरीके से मन केंद्रित करने में सहायता कर सकते हैं। हमेशा वही करें जो आपको सबसे अधिक आरामदायक अनुभव कराने के लिए आवश्यक है।
  • ध्यान का अभ्यास मानसिक विश्राम देने के साथ-साथ रक्तचाप, उच्च कैलेस्ट्रॉल एवं उच्च ब्लड सूगर को कम करने जैसे स्वास्थ लाभ के लिए भी उपयोगी सिद्घ हुआ है

मानसिक कल्पना (visualization) का प्रयास करें: यह ध्यान मुद्रा में एक निर्देशित कल्पना की तरह है जिसमें आप एक शान्तिमय दृश्य की कोमल कल्पना करते हैं। उस दृश्य की छवि जब तक आप चाहते हैं तब तक अपने मस्तिष्क में बसा लें लेकिन अपने सभी विचारों एवं ऊर्जा को इस खास जगह की मानसिक कल्पना के लिए अपने मन मस्तिष्क को केन्द्रित करने में लगा दें।

सतत मांसपेशी शिथिलीकरण (relaxation) का अभ्यास करें: इस प्रक्रिया के द्वारा आप अपने शरीर की संपूर्ण मांसपेशियों को तनावपूर्ण अवस्था से शांत अवस्था में ला सकते हैं। अपनी मांसपेशियों को अशान्त करने के उपरांत उसे शांत अवस्था में लाने का प्रयास अपकी मानसिक अवस्था में भी परिवर्तन लाता है और आपके मस्तिष्क को और साथ ही साथ शरीर को भी समान रूप से शांत करने में मदद करता हैं।

  • इस क्रिया को अपने चेहरे की मांसपेशियों से शुरू करें और एक समय में एक ही मांसपेशी पर करें। इसमें त्योरी चढ़ाना, भौं बनाना, आपके माथे पर बल पड़ना और आपके जबड़े आपस में मिलाना इत्यादि शामिल हैं। इसके बाद सभी मांसपेशियों को शांत होने दें।
  • जब आपका चेहरे का अभ्यास समाप्त हो जाए तो अपने शरीर को झुकाव की मुद्रा में तब तक रखें जब तक कि आप इस अभ्यास को अपनी सारी मांसपेशियों के द्वारा पूरा नहीं कर लेते हैं।
  • इस प्रक्रिया से अधिक आराम/शान्ति प्राप्त करने के लिए तनावयुक्त मांसपेशियों को ढीला छोड़ने से पहले उन्हें 5-10 सेकंड तक रोके रखें

योगा का अभ्यास करें: योग एक प्रकार का मांसपेशियों में खिंचाव अथवा लचीलापन लाने वाला कम प्रभाव वाला व्यायाम है जो आपके शरीर की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में सहायता प्रदान करता है। चूंकि आपको प्रत्येक योग मुद्रा पर अपना ध्यान केन्द्रित करना पड़ता है इसलिए आपके दिमान में तनाव के बारे में सोच-विचार करने के लिए कोई जगह नहीं बचती है और इसलिए आप शांति की अवस्था में रहने के लिए मजबूर होते हैं।

  • योग अभ्यास प्रारंभ करने के लिए योग कक्षा में शामिल होना बेहतर होगा। योग कक्षाएं आराम और सुकून का अनुभव प्राप्त करने के लिए होती हैं, भले ही वहां काफी संख्या में लोगों की मौजूदगी हो। प्रशिक्षण के लिए स्थानीय प्रशिक्षक की तलाश करें व नजदीकी जिम (gym) में जा सकते हैं।
  • हठयोग, यह योग की एक आधारभूत शैली है और यह सुकून के लिए सर्वोतम है। हठयोग की उन मुद्राओं को खोजें जिनका आप खुद अपने घर पर अभ्यास कर सकते हैं।
  • यदि आपको हर्नियेटेड डिस्क (herniated disc), ऑस्टियोपोरोसिस (osteoporosis) जैसे अस्थि रोग अथवा रक्त के थक्के होने जैसी किसी तरह की शारीरिक परेशानियां हैं तो आप योग करने से परहेज करें।

अधिक मात्रा में पानी पीयें: पानी आपके शरीर में जलायोजन को भली-भांति बनाये रखने एवं शरीर को हानिकारक रसायनों से मुक्त रखने के लिए अति महत्वपूर्ण है, जो आपके मस्तिष्क को बेहतर रूप से केंद्रित करने में सहायता प्रदान करता हैं। आराम प्रदान करने वाले अन्य व्यायामों में सहायता के लिए, अधिक मात्रा में पानी पीयें।

ऐसा भोजन करें जो आपके शरीर को आराम प्रदान करता है: कुछ खाद्य पदार्थ उन हार्मान (hormones) को कम करने में सहायता करता है जिनके कारण चिंता उत्पन्न होती है जबकि साथ ही वैसे हार्मोन में भी वृद्घि करती है जो खुशी एवं शान्ति की भावना को उत्पन्न करने में उत्तरदायी होते हैं।

  • उच्च सेलेनियम (selenium) युक्त भोजन चिंता एवं अवसाद को कम करने में सहायता करता है, और इनमें मेवे (विशेष रूप से ब्राजील के मेवे), शिटाकी (shiitake), मशरूम, टूना (tuna), कॉड (cod), अथवा साल्मन (salmon) शामिल हैं।
  • ऐसे भोजन का सेवन करें जिनमें अधिक मात्रा में मैग्नीशियम (magnesium) तत्व मौजूद होते है जैसे कि पालक, कद्रदू के बीज एवं हैलिबट (halibut) इत्यादि।
  • ट्रिप्टोफेन (tryptophan) तत्व से भरपूर भोजन की तलाश करें क्योंकि यह सेरोटोनिन (serotonin) नामक रसायन के को बनने में सहायता करता हैं, जो खुशमिजाजी बढ़ने में मदद करता हैं। डार्क चॉकलेट, बादाम एवं लाल मीट लेने का प्रयास करें।

मामूली व्यायाम करें: व्यायाम, एन्डोरफिन (endorphins) का उत्पादन बनाने के लिए उत्तरदायी होता है, जिसके परिणामस्वरूप खुशी का अहसास पैदा होता है। तनाव भरे कार्यक्रम के निपटान के पश्चात अपने मस्तिष्क को आराम देने वाले कुछ देर व्यायाम करने का प्रयास करें।

  • हमेशा शान्त जगहों पर व्यायाम करें अथवा अकेले में इसके लिए अपना वक्त निकाले। अपने जिम में व्यायाम करें अथवा इसके लिए एक ऐसा क्षेत्र अथवा कमरे की तलाश करें जहां ज्यादातर एकांत हो ताकि आप अपने आस-पास की चीजों से विचलित ना हों।
  • कम समझ वाले एवं दोहराए जाने वाले व्यायामों को करने का प्रयास करें। इसमें तैराकी अथवा दौड़ इत्यादि को शामिल किया जा सकता है।

अपने पसंदीदा कार्य-कलापों में भाग लें: यदि आपको खाना बनाना, पढ़ना अथवा खेल-कूद में भाग लेना पसंद है तो उन्हीं चीजों को करें! अपने मन-पसंद की चीजें करने से यह आपके मस्तिष्क को तनाव से मुक्त कर अच्छा महसूस करने में मदद करेगा, और जिससे संभवत अधिक मात्रा में एन्डोरफिन्स (endorphins) बनता है जो कि खुशी का अहसास पैदा करने में सहायक होता है।

गर्म पेय पदार्थों का सेवन करें: गर्म पेय पदार्थ तनाव को कम कर उससे राहत पाने में मदद देता है। उन पेय पदार्थों को खोजें जिनमें कैफिन एवं अल्कोहल नहीं होते हैं क्योंकि ये चिंता एवं उदासी की भावना को बढ़ाते हैं।

  • ग्रीन टी में कुछ प्राकृतिक रसायन पाए जाते हैं जो तनाव के स्तर को कम करने में सहायक होते हैं। इसके अच्छे स्वाद को चखने के लिए इसे गर्म या एकदम ठंडी पीएं।
  • गर्म दूध पिएँ। यह रात के समय पीने योग्य एक बेहतरीन पेय है, जो मन को शांत करने में मदद करता हैं क्योंकि इसमें ट्रिप्टोफेन (tryptophan) प्रचुर मात्रा में उपलब्ध होता है जो आपके मस्तिष्क में सेरोटोनिन (serotonin) को अधिक मात्रा में बनाने के लिए उतरदायी होता है। आरामदायक रूप से तनाव से मुक्ति पाने के लिए दूध को एक सॉस पैन में शहद के साथ गर्म करके सेवन करें।
  • यदि आप आराम महसूस करने ले लिए कॉफी का चुनाव करते हैं तो बिना कैफीन वाली कॉफ़ी ही इस्तेमाल करें ताकि आपका दिमाग अतिउत्तेजित ना हो।
  • किसी तरह के पेय को अधिक चीनी के साथ न लें क्योंकि यह आपके मानसकि उत्तेजना को बढा देगा जिसके कारण पुन: आराम पाने में काफी दिक्कतें आती हैं।

खुद को बार बार दोहराये जाने वाले क्रियाकलापों में व्यस्त रखें: इसमें आपके दिमाग का भी कम इस्तेमाल होता है। यह सही है कि कुछ करने के लिए काम करते रहने की आवश्यकता होती है किन्तु उस पर अधिक ध्यान केन्द्रित नहीं करने से ही आप अपने दिमाग को शांत रखने में समर्थ हो पाएंगे।

  • चित्र अथवा पेंटिंग बनाने का प्रयास करें। इसके लिए आप ड्राइंग की कृति पर अपना ध्यान केन्द्रित करने के लिए बाध्य होंगे और अपने जीवन के तनाव के विषय पर सोचने के लिए आपके पास वक्त नहीं होगा।
  • लगातार समान क्रिया वाली शारीरिक गतिविधियां आपके मानसिक आराम को बढ़ा सकती हैं। इसके लिए आप आप पेड़ो के पत्ते उठाने, फर्श पर झाडू लगाने अथवा कपड़े तह करने के बारे में विचार कर सकते हैं।
  • यदि आप ब्रेसलेट बनाना अथवा उन की बुनाई जैसे कार्य करना जानते है तो यह कार्य भी कर सकते हैं।
  • वैसी चीजों से परहेज करें जिनमें अधिक शारीरिक श्रम व भाग-दौड़ करना अथवा व्यस्त रहना पड़ता है क्योंकि यह तनाव कम करने के बजाय इसमें वृद्धि कर सकता हैं।

शांतिदायक संगीत सुनें: यद्यपि आपको हार्डकोर (hardcore) रॉक (rock) या रैप (rap) पसंद हो सकते है लेकिन धीमी एवं शांत धुन आपके दिमाग को शांत करने में सहायक होती हैं।

  • भारी वाद्ययंत्रों अथवा उच्च सुरों को सुनने से बचें क्योंकि इन सुरों को सुनते हुए आराम करना मुश्किल हो जाता हैं। इनमें शब्द न हो तो फिर भी इन्हें सुनना कुछ बेहतर रहता है।
  • संगीत सुनने के बजाय आप प्राकृतिक ध्वनियों और सुस्पष्ट ध्वनियाँ सुन सकते है, जो लोगों को मानसकि शांति देने के ख्याल से बनायी गई होती है, उन्हें सुन सकते हैं। समुन्द्र एवं जंगलों की आवाजों को खोजें और स्पष्ठ धुनों को खोजें और उन्हें सुनें।
  • ‎दोनों कानो से सुनाई देने वाले (Binaural) संगीत एक विशेष प्रकार का संगीत है जो आपके मस्तिष्क में उच्च स्तर पर अल्फा तरंग उत्पन्न करता है जो आपको आराम करने में मदद करता है। दोनों कानो से सुनाई देने वाले (Binaural) ध्वनि-ताल के मुफ्त वर्जन को ऑनलाइन अथवा अपने लोकप्रिय म्युजिक स्ट्रीमिंग (streaming) वेबसाइट के माध्यम से पता करें।
  • ऐसे संगीत सुनने की कोशिश करे जिनमें संगीत की पुनरावृति होती है, लेकिन शब्दों का उपयोग कम होता हैं। इलेक्ट्रॉनिक मसंगीत की कई शैलियों में इस प्रकार के संगीत का चलन है जैसे कि हाउस, ट्रांस (trans), ट्रैप (trap) एवं ट्रिप-होप (trip-hop) इत्यादि शामिल हैं।

जानवरों के साथ समय व्यतीत करें: अध्ययनों से पता चला है कि जो लोग पालतू जानवरों के साथ समय व्यतीत करते है अथवा उन्हें छूते हैं उनका रक्तचाप कम होता है, और वह उन लोगों की तुलना में कम तनावग्रस्त पाये जाते हैं जो पालतू जानवरों के संपर्क में कम आते हैं।

  • यदि आपके पास अपना कोई पालतू पशु नही है तो आप अपने मित्र के कुत्ते को घुमाने ले जाने के लिए लेने के बारे में सोच सकते हैं अथवा अपने पड़ौसी के पालतू कुत्ते के साथ खेलें और कुछ समय व्यतीत करें। जानवरों के साथ दिन में थोड़ा समय बिताना यह आपके लिए एक लम्बे समय तक के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है।
  • जानवरों द्वारा दी जानेवाली मनोचिकित्सा लेने के बारे में विचार करें। यह एक किस्म की थेरेपी है जो जानवरो के द्वारा तनाव एवं चिन्ता को कम करने में मदद करती है। प्राय: इसके लिए घोड़ों का प्रयोग किया जाता है पर कुत्ते और बि‎ल्लियां भी इसके लिए विकल्प हो सकते है।

सुगंध चिकित्सा लेने के बारे में सोचें: यह एक विशेष चिकित्सा है ), आप सुखद महसूस करने के लिए इत्र का प्रयोग करते है, और उससे सही में आश्चर्यजनक परिणाम मिलता है। कई लोकप्रिय सुगंध चिकित्सा में लेवेन्डर (lavender), पीपरमिंट (peppermint) और यूकेलिप्टस (eucalyptus) की खुशबू भी शामिल की जाती हैं।

  • आप सुगंध चिकित्सा तेल को खरीदकर उसे शरीर की त्वचा पर लगा सकते हैं। अपनी कलाई और कोहनी के अंदर लगा सकते हैं। ये आपके शरीर के कुछ सबसे अधिक गर्म स्थान हैं और यह सुगन्ध को तेजी से फैलाने का काम करेगा ।
  • सुगंध चिकित्सा, आपके शयनकक्ष को आपका निजी आरामगाह की तरह बनाने के लिए इस्तेमाल करने के लिए किया जा सकता है। इसे आप अगरबत्ती, मोमबत्तियों में इस्तेमाल कर अपने घर को शांतिपूर्ण रुप से सुगं‎धित करने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं।

एक स्नान लें: गर्म पानी एंडोरफिन (endorphin) को बनाने में मदद करता हैं जो तनाव को कम करता है, इसलिए गर्म पानी से बीस मिनट तक स्नान करना तनाव कम करने में काफी मदद करता हैं।

सोशल मीडिया से दूर रहें: सोशल मीडिया तनाव का सबसे बड़ा कारण होता है, चाहे वह आपका फोन अथवा फेसबुक अकांउट ही क्यों न हो। अपनी तनाव को कम करने के लिए इनसे कुछ समय के लिए दूर रहने का प्रयास करें।

  • अपने फोन को बंद कर दें अथवा थोड़ी देर के लिए इसे अपनी कार में छोड़ दे ताकि आप हर कुछ मिनट में व्याकुल होकर बार बार फोन ना देखें।
  • अपने लैपटॉप को बंद कर दें और अपना डेस्कटॉप भी बंद कर दें ताकि आप अपने ऑनलाइन मीडिया एकाउंट को देखने के लिए व्याकुल ना हो पाएं।
  • यदि सोशल मीडिया आपके जीवन में बड़ा तनाव लाने का एक मुख्य कारण है तो इससे एक निश्चित अवधि के लिए‎ पूरी तरह से दूर रहने के बारे में विचार करें। अपने ऑनलाइन सोशल एकाउंट को कुछ हफ्तों अथवा महीनों के लिए तब तक के लिए निष्क्रिय कर दें जब तक आपको यह अहसास न हो जाए कि आगे भविष्य में यह किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न नहीं करेगा ।

टेलीविजन ना देखें: टेलीविजन की चमकीली रोशनी और लगातार आने वाली आवाजें तनाव स्तर को बढ़ाने का कारण होती हैं।

अकेले समय व्यतीत करें। कभी-कभी हमारे इर्द-गिर्द मौजूद लोग हमारी तनाव को बढ़ाने का सबसे बड़ा कारण बनते हैं अत: इस बात को दिमाग में रखें कि हमें प्रतिदिन कुछ समय अपने आप के साथ बिताना होगा।

  • आराम करने एवं अकेले रहने के लिए व्यस्त काम से वक्त निकालें। सप्ताह के अंत में किसी एक स्थानीय शहर अथवा प्राकृतिक रिजर्व के लिए जाये, जहां आपको चिंतन के लिए कुछ समय मिल सकेगा।
  • यदि आप अपने कार्यक्रमों में काफी व्यस्त है तो अपने मित्रों के साथ बनाए किसी भी योजना को रद्द कर दें। दूसरों के साथ किसी समय को साझा करने के अलावा खुद के लिए वक्त निकालना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है।
  • अपने परिवार से अलग भी खुद के लिए वक्त निकालें। यह इतना महत्वपूर्ण नहीं है कि आप उनको कितना ज्यादा चाहते हैं, सभी को एक स्वस्थ मानसिकता बनाये रखने के लिए अपने परिवार से दूर रहने के लिए थोड़ा समय होना आवश्यक है।

ज्ञात तनाव से दूर रहें: यदि आपको मालूम है कि आगामी परीक्षा अथवा बैठक ही आपके तनाव के बढ़ने का मुख्य कारण है तो अन्य अतिरिक्त परेशानियों से बचने के लिए इससे अलग समय बिताने की कोशिश करें।

  • यदि आप इन तनाव से निपटने के लिए इच्छुक हैं तो एक नि‎श्चित समय-सीमा निर्धारित करें यदि खासकर वे कार्य एवं स्कूलों से संबं‎धित है, खुद से वादा करें कि आप अपना गृहकार्य रात्रि के 8 बजे तक पूरा कर लेंगे और उसके पश्चात का समय को तनाव को ख़त्म करने में इस्तेमाल करेंगे।
  • यदि कोई खास व्यक्ति अथवा क्रिया-कलाप आपके तनाव की मुख्य वजह है तो उससे कुछ हद तक दूर रहें। इस बारे में सोचने में अपना समय लगायें कि वही वस्तु विशेष रुप से आपको परेशान क्यों कर रहा है और इस समस्या का क्या समाधान हो सकता हैं।

सलाह

  • अपनी आंखें बंद करें और अपनी सांसों को सुनें। यह करते समय किसी शांत स्थान पर रहना सुनिश्चित करें। आपके मस्तिक में हवा के प्रवेश को अनुभव करे और धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
  • सूर्य की रोशनी में बैंठे भले ही आप घर के अंदर हैं। इसकी गर्मी और प्रकाश आपकी मनःस्थिति को बेहतर बनाने में मदद करती हैं।
  • रात के वक्त, बाहर खुली जगह में लेट जाएं और उपर की ओर आसमान एवं तारों को निहारें।
  • जमीन पर, खाट व पलंग पर अथवा किसी सहारे वाली चीजों पर लेट जाएं और किसी शांत कमरे में अथवा धीमी आवाज में संगीत सुनते हुए धीर-धीरे सांस लें और बाहर छोड़ें और अच्छे समय के बारे में सोचकर मुस्कुराएं।
  • अच्छा भोजन ग्रहण करें, साइकिल चलाएं एवं हर रोज किसी को कुछ खास अनुभव करवाने का प्रयास करें।
  • आपको जिस किसी भी प्रकार की शैली में लिखने में सबसे ज्यादा आनंद मिलता है उसके बारे में अथवा जो कुछ भी आपके दिमाग में आता है वह लिखें। एक डायरी रखना आपके लिए शांतिदायक हो सकता है। जब आप अपने को तनाव में पाते हैं तो कागज पर अपने उस अनुभव को लिखें।
  • जब आप उदास महसूस करते हैं तो आप उसे याद करें जिसे आप अधिक चाहते है, इससे आपका तनाव कम होने में मदद मिलेगी।
  • तनाव ग्रस्त होने पर उन जगहों पर घूमने जाये जहाँ आपको ख़ुशी और सुकून का अनुभव होता हैं।
  • खुद को व्यस्त रखें, किताबें पढ़ें, टीवी पर कार्यक्रम देखें, या यू-ट्यूब विडीयो देखें, फोन पर दोस्तों या परिवार के सदस्यों से बातचीत करें इससे आपका मन सक्रीय होगा और आपका ध्यान बटेगा और तनाव कम करने में मदद मिलेगी।
  • गहरी सांस लेते समय अपनी उपरी पलकों का इस्तेमाल करते हुए अपनी आंखों को बंद करें और खोलें। वे काफी भारी महसूस और बंद हो सकती है; इससे दिमाग को शांति मिलेगी।
Share This information --> इस जानकारी को अपने दोस्तों में यहाँ से शेयर करे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *